🚨मूंदड़ा दंपती- हाईवे पर छोड़ी मासूम का राज गहराया: 6 दिन की बच्ची का ₹1 लाख में सौदा,अस्पताल और दलालों की भूमिका की गहन जांच जारी।
राजगढ़/श्योपुर/इंदौर (संवाददाता आकाश शर्मा)- इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला अब और भी भयावह रूप ले चुका है। पहले जहां यह घटना अंधविश्वास और क्रूरता तक सीमित नजर आ रही थी, वहीं अब जांच में मानव तस्करी के संगठित नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। राजगढ़ के कारोबारी आकाश मूंदड़ा और उनकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा ने ढाई साल की मासूम बच्ची को ‘अपशगुन’ मानकर सुनसान हाईवे पर छोड़ दिया था। यह घटना 19 अप्रैल के आसपास श्योपुर जिले के सोंईकलां क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-552 की है, जहां बच्ची लावारिस हालत में भटकती मिली थी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया।
👉 अंधविश्वास बना क्रूरता की वजह..
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दंपती ने बच्ची को गोद लेने का दावा किया था। लेकिन कारोबार में घाटा होने के बाद उन्होंने उसी मासूम को अपने दुर्भाग्य का कारण मान लिया।
धार्मिक यात्रा—खाटू श्याम और मेहंदीपुर बालाजी—के दौरान उन्होंने सुनसान जगह देखकर बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए।
👉 खुलासा: गोद नहीं, ₹1 लाख में खरीदी गई थी बच्ची..
जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, दंपती ने इस बच्ची को जन्म के मात्र 6 दिन बाद करीब ₹1 लाख में खरीदा था।
यानि जिसे ‘गोद लेना’ बताया जा रहा था, वह दरअसल अवैध खरीद-फरोख्त का मामला निकला।
👉 मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश...
जांच में सामने आया कि बच्ची को जन्म के तुरंत बाद उसकी मां से अलग कर दिया गया और फिर मानव तस्करी के नेटवर्क के जरिए कई हाथों से होते हुए राजगढ़ तक पहुंचाया गया।
अब तक इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
👉 इंदौर से जुड़ा कनेक्शन, पार्लर बनी सौदे की कड़ी..
इंदौर के महालक्ष्मी नगर से पार्लर संचालिका नीता जैन, उसके पति वैभव जैन समेत अन्य महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय थे और इसी चैन के जरिए बच्ची को मूंदड़ा दंपती तक पहुंचाया गया।
एक सातवीं महिला अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
👉 हॉस्पिटल की भूमिका पर शक गहराया...
मामले में अब मेडिकल सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इंदौर के एक अस्पताल से नवजात को अवैध रूप से बाहर निकाला गया।
पुलिस 21 नवंबर 2024 के आसपास के:
डिलीवरी रिकॉर्ड
जन्म रजिस्टर
डिस्चार्ज एंट्री
खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अस्पताल या स्टाफ की मिलीभगत के यह संभव नहीं।
👉 अभी तक नहीं मिले असली माता-पिता..
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बच्ची के असली माता-पिता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का मानना है कि जैसे ही इस कड़ी तक पहुंचा जाएगा, पूरे गिरोह का और बड़ा खुलासा हो सकता है।
⚖️ कानूनी कार्रवाई की स्थिति..
मूंदड़ा दंपती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया
6 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार
मानव तस्करी, अवैध गोद और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज
अस्पताल और दलालों की भूमिका की गहन जांच जारी
💔 समाज के लिए कड़ा सवाल..
यह मामला सिर्फ एक परिवार की क्रूरता नहीं, बल्कि उस खतरनाक सच्चाई को उजागर करता है जहां
👉 मासूम बच्चों की खरीद-फरोख्त होती है
👉 अंधविश्वास के नाम पर जिंदगी से खेला जाता है
🔥 निष्कर्ष (इम्पैक्ट लाइन)
👉 करोड़ों की दौलत रखने वाले इस दंपती ने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया, बल्कि एक मासूम की जिंदगी को सौदे और अंधविश्वास के बीच कुचल दिया।




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