🏹माचलपुर संवाददाता आकाश शर्मा : भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव पर भव्य चल समारोह, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने रचा यादगार माहौल..
चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ आगे बढ़ा, जहां विभिन्न समाजों के लोगों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था कर सामाजिक सौहार्द और एकता का परिचय दिया गया। बस स्टैंड पहुंचने पर शहीद कल्याणमल शर्मा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
इसके बाद अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि तहसीलदार भानपुरा विनोद शर्मा सहित समाज के वरिष्ठजन रामगोपाल शर्मा, रामनारायण शर्मा, बाबूलाल उपाध्याय एवं श्यामलाल शर्मा का साफा, श्रीफल और पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
भगवान परशुराम का महत्व..
भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। वे ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे। परशुराम जी को सत्य, धर्म और न्याय के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। उनके जीवन से समाज को साहस, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इसी कारण ब्राह्मण समाज में उनका विशेष महत्व है और उनका प्राकट्योत्सव बड़े श्रद्धा व उत्साह से मनाया जाता है।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया और उपस्थित जनसमूह की भरपूर सराहना प्राप्त की। साथ ही मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि विनोद शर्मा ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की उन्नति और सशक्तिकरण के लिए एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाजहित के हर कार्य में वे सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज के साथ हुआ, जिसमें सभी समाजजन एक साथ शामिल हुए और आपसी भाईचारे व एकता का संदेश दिया।
दैनिक मधुर दर्पण समाचार संपादक आकाश शर्मा





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