गोघटपुर शिव मठ पर आज लगेगा श्रद्धालुओं का मेला
नगर के अनेक युवाओं के प्रयास से आज अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।
राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर बसे गोघटपुर गांव की पहाड़ी आज आस्था व पर्यावरण संरक्षण का अनोखा उदाहरण बन चुकी है। साल 2003 से गांव के करीब 40 युवाओं की टीम ने लगातार श्रमदान करते हुए यहां 30 हजार से अधिक पौधे रोपे। इनमें एक हजार से ज्यादा चंदन के पौधे अब पूर्ण विकसित पेड़ बन चुके हैं। चंदन के पेड़ों से ये पहाड़ी दूर से ही आकर्षित कर रही है। इसी पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मठ है जहां महाशिवरात्रि पर आज श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बनेगा। महाशिवरात्रि का संयोग होने से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। भगवान शिव की आराधना व उपासना के साथ यहां श्रद्धालुओं का मेला भी लगेगा। यहां शिवालय के शिखर का निर्माण कार्य चल रहा है। पहाड़ी की ऊंचाई से गोघटपुर गांव व आसपास का प्राकृतिक नजारा देखते ही बनता है । आज विभिन्न प्रजातियों के 30 हजार से अधिक पौधों में से 1 हजार से ज्यादा चंदन के पेड़ बन चुके हैं। यही वजह है कि सूखी पहाड़ी अब घने हरित क्षेत्र में बदल गई है। पर्यावरण संरक्षण के साथ आस्था का ये संगम पूरे क्षेत्र में अनूठा है। आज के दिन शिव मठ मंदिर पर युवाओं की टीम द्वारा खिचड़ी प्रसाद के रूप मै वितरित की जाती है, मठ पर ही अनेक सीढ़ियों से नीचे उतरकर जाने पर एक बेहद खूबसूरत बडा शिवलिंग है, जो शिवभक्तों की आस्था का महत्वपुर्ण केंद्र है। कहते है यहां मांगी गई है मनोकामना की पूर्ति बाबा भोलेनाथ अवश्य पूरी करते है।
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