राजगढ़ 25 फरवरी, 2026 कृषि धाम मोहनपुरा राजगढ़ में 23 से 25 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय कृषि सम्मेलन का समापन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कृषि प्रबंधन तकनीकी एजेंसी (आत्मा) द्वारा किया गया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा, किसान संघ के पदाधिकारी नाथू सिंह तोमर, रामदयाल नागर एवं अशोक जाट ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को अब जैविक खेती की ओर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दी गई सलाह और तकनीकों को अपने खेतों में अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। किसान संघ उपाध्यक्ष श्री नाथू सिंह तोमर ने आधुनिक तकनीक एवं जैविक पद्धति के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ खेती में नवाचार आवश्यक है। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. कौशिक, डॉ. लाल सिंह एवं डॉ. ए.के. मिश्रा ने तिलहन फसलों एवं अन्य उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत ‘अमृत संतरा’ एवं लीची की उन्नत खेती के संबंध में भी किसानों को विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्नत किसानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के सहायक संचालक वी.के. नायता, एडीओ प्रहलाद सिंह बारेला, दिशा राठौर, कृषि विस्तार अधिकारी विशाल भालसे एवं रामशंकर पावक ने विभागीय योजनाओं एवं लाभकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी,
कृषि सम्मेलन के दौरान सारंगपुर से आए कलाकारों ने कबीर वाणी के भजनों की प्रस्तुति दी। कबीर वाणी के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं, नैतिक मूल्यों एवं प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में प्रेरणादायक संदेश दिया गया। साथ ही तीन दिवसीय सम्मेलन में किसानों ने आधुनिक तकनीक, जैविक खेती, उद्यानिकी फसल प्रबंधन एवं शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का समापन उत्साह और जागरूकता के वातावरण में हुआ। तीन दिवसीय कृषि सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का उद्देश्य किसानों को नवीन तकनीक, योजनाओं एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि विस्तार के बारे में जानकारी प्राप्त की।


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